11/19/10

राग बिहाग और शिवरंजिनी- बाम्बे जयश्री

बाम्बे जयश्री का नाम किसी परिचय का मोहताज़ नहीं. वे कर्नाटक संगीत की नामचीन हस्ती हैं. बहुत ही ताकतवर आवाज़ के साथ ही उनकी खासियत यह है कि फिल्मों से लेकर संगीत की शास्त्रीय महफ़िलों तक वे सम भाव से गतिशील हैं. शास्त्रीय संगीत को लोकप्रिय रंग देने वालों में उनका नाम शुमार किया जाता है.
मेरे लिहाज़ से ऐसे संगीतकारों की बेहद जरूरत है जो शास्त्रीय संगीत के खजाने को जनता तक ले जाने की कूवत रखते हों. अपनी कला में पारंगत संगीतकार जन रूचि का निर्माण कर सकें तो इससे बेहतर और क्या होगा! शायद यही इस संगीत के बढ़ने का भी रास्ता है.
आज सुनिए बाम्बे जयश्री की आवाज़ में राग बिहाग और शिवरंजिनी-


2 comments:

महेन्द्र मिश्र said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति....

mahendra verma said...

जयश्री जी का संगीतमय परिचय अच्छा लगा।
शिवरंजनी तो मेरा प्रिय राग है।
भाषा समझ में नहीं आई लेकिन स्वरों का आरोह-अवरोह अच्छा लगा।