12/10/10

बहुत कठिन है डगर पनघट की- ज़फर हुसैन बंदायूनी और मंडली



आज सुनिए
ज़फर हुसैन बंदायूनी और मंडली से

'बहुत कठिन है डगर पनघट की'
और
'ए री सखी, मोरे ख्वाज़ा घर आये' -


2 comments:

Amiya chatterjee said...

Superb! The rhythm, The turns, round and round.....and round

S.N said...

Mere pas inke two cassettes hai.Doodhnathji ke collection se nikala hai