12/16/10

बागेश्री धमार और भैरवी- उदय भवालकर

ध्रुपद शैली की गायकी हिन्दुस्तान की पुरानी गायकी है. संगीत के अध्येताओं सहित रामविलास शर्मा ने भी इसे ही मूल भारतीय शास्त्रीय संगीत माना है. कहते हैं, इसकी उत्पत्ति बेहद पुरानी है पर 1000 ईसवी के पहले का कोई प्रमाण हमारे पास नहीं है. इतना तो तय है कि ख़याल गायकी से इसकी परम्परा पुरानी है. मृदंग या पखावज यहाँ मूल वाद्य के रूप में इस्तेमाल किये जाते हैं.

आज सुनिए उदय भवालकर से बागेश्री धमार और भैरवी-

1 comment:

हिंदीब्लॉगजगत said...

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