12/18/10

मेरो अल्ला मेहरबान- पंडित जसराज


सुनिए
पंडित जसराज से
ये बंदिश-
मेरो अल्ला मेहरबान

2 comments:

Arvind Mishra said...

वाह मृत्युंजय जी ,आपकी पसंद /चयन का कायल हुआ!पिछली पोस्टें भी पढी ... मेहंदी हसन /बेगम अख्तर ..मीर /ग़ालिब के फर्क आदि पर आपके विचार जाने....सच फरमाते हैं आप जो क्लासिकी मेहंदी हसन में है वो कहाँ किसी और में?

मृत्युंजय said...

शुक्रिया अरविन्द जी.
मैं और बेहतर कुछ सुनवाने की कोशिश करूंगा.