5/5/11

मजदूरों पर फायरिंग की जनसंगठनों ने तीव्र निंदा की

गोरखपुर में मजदूरों पर फायरिंग की जनसंगठनों ने तीव्र निंदा की

गोरखपुर। बरगदवा स्थित औद्योगिक इकाई अंकुर उद्योग लिमिटेड पर मंगलवार की सुबह फैक्टी के प्रबन्ध तंत्र के इशारे पर की गई फायरिंग में डेढ दर्जन से अधिक मजदूरों के घायल होने की घटना की जनसंगठनों, मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीव्र निंदा की है। आज दोपहर हुई एक बैठक में इस घटना को प्रशासन की शह पर पूंजीपतियों, संगठित आपराधिक गिरोहों और साम्प्रदायिक ताकतों के गठजोड़ द्वारा किया गया बताया गया।

बैठक में कहा गया कि लम्बे अर्से से बरगदवा और गीडा स्थित औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों द्वारा श्रम कानूनों का पालन कराने की मांग उठाई जा रही है लेकिन कारखानेदारों, प्रशासन और श्रम विभाग द्वारा मजदूरों की आवाज पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जब मजदूर अपने शोषण के खिलाफ संगठित हो गए और अपने हक के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने लगे तो इस आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया जाने लगा। आंदोलन को माओवादियों द्वारा प्रेरित कहा गया। इससे भी जब मजदूरों की एकता कमजोर नहीं हुई तो उनके दमन का प्रयास शुरू हुआ।

पिछले वर्ष साम्प्रदायिक ताकतों ने मजदूरों और उनके नेताओं पर हमला किया। प्रशासन ने हमलावरों पर कार्यवाही करने के बजाय मजदूर नेताओं को ही पकड़कर जेल में डाल दिया लेकिन इसके खिलाफ मजदूरों व गोरखपुर के नागरिक समाज के प्रबल प्रतिरोध के कारण प्रशासन को झुकना पड़ा और मजदूर आंदोलन की जीत हुई लेकिन एक बार फिर उन्हीं ताकतों ने संगठित आपराधिक गिरोह की मदद से मजदूरों पर फायरिंग कर आंदोलन को कुचलने की कोशिश की है। बैठक में प्रशासन को आगाह किया गया कि यदि उसने मजदूरों पर बर्बर हमले के इस मामले में प्रबंध तंत्र और उसके पालतू अपराधियों को बचाने का प्रयास किया तो नागरिक समाज चुप नहीं बैठेगा और सडक पर उतर कर प्रतिरोध करेगा।

बैठक में मजदूर संगठनों, इंसाफ पसंद राजनीतिक ताकतों, मानवाधिकार संगठनों और राजनीतिक दलों से मजदूरों पर बर्बर हमले के खिलाफ एकजुट होने और जोरदार संघर्ष छेड़ने का आहवान किया गया। बैठक में पीयूसीएल के जिला संयोजक फतेहबहादुर सिंह, वरिष्ठ कथाकार मदन मोहन, पीयूएचआर के अध्यक्ष सुभाष पाल एडवोकेट, श्याममिलन एडवोकेट, जनसंस्कृति मंच के प्रदेश सचिव मनोज कुमार सिंह, अशोक चैधरी, गोपाल राय, बैजनाथ आदि उपस्थित थे।

जन संस्कृति मंच की प्रेस विज्ञप्ति
4 मई. दिल्ली

जन संस्कृति मंच कल ३ मई के दिन गोरखपुर (उ.प्र.) के बरगदवा औद्योगिक क्षेत्र की अंकुर उद्योग लि. नामक फैक्‍ट्री के मालिक द्वारा कुख्‍यात हिस्‍ट्री शीटर प्रदीप सिंह और उसके गुंडों के माध्यम से मजदूरों पर गोली चलाए जाने की कठोर भर्त्सना करता है और दोषियों को तत्काल दंडित करने की मांग करता है. यह घटना मज़दूरों द्वारा मई दिवस के अवसर पर दिल्ली में मांगापत्रक आन्दोलन में शरीक होने से बौखलाए उद्योगपतियों द्वारा अंजाम दी गयी. विगत दो सालों से इस क्षेत्र में चल रहे आन्दोलन के खिलाफ उद्योगपतियों के समर्थन में एक ओर वहां के सांसद आदित्य नाथ तो दूसरी ओर पूरा जिला प्रशासन लामबंद है और आन्दोलन को हतोत्साहित करने और दमन की पृष्ठभूमि बनाने के लिए उसे कभी ''चर्च के पैसे से चल रहा'' बताया जा रहा है, तो कभी माओवादियों द्वारा भड़काया गया बताया जा रहा है.

इस घटना में भी प्रशासन का रुख यही है कि बजाय उद्योगपतियों और उनके गुंडों पर कार्रवाई करने के वह मज़दूर नेताओं और अगुवा मज़दूरों को हिंसा की इस घटना में फर्जी ढंग से फंसाने की जुगत में है. हम सभी लोकतांत्रिक ताकतों से अपील करते हैं कि इसमें प्रशासन को कामयाब न होने दें.

जन संस्कृति मंच घायल हुए २० मज़दूरों, फैक्ट्री का घेराव साथियों और वहां के मजदूर आन्दोलन से अपनी एकजुटता ज़ाहिर करता है.

( प्रणय कृष्ण, महासचिव, जन संस्कृति मंच द्वारा जारी )

हस्ताक्षर के लिए याचिका का लिंक यहाँ है-
http://www.petitiononline.com/gkpfir/petition.html

1 comment:

संदीप said...

जन संस्‍कृति मंच के साथियों को आभार। प्रगतिशील ताकतें एकजुट होकर ही सांप्रदायिक ताकतों और मालिक-प्रशासन-गुंडा गठजोड़ से टक्‍कर ले सकती हैं।