9/21/11

पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर- तीन राग

  पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर- तीन कम सुने राग  

पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर (1910–1992)













पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर का गायन भारतीय संगीत परम्परा के अद्भुत अप्रतिम नमूना है. पूरी शुद्धता और अनूठेपन के साथ कठिन से कठिन रागों का पल्लवन उनकी अपनी कठिन कमाई का हासिल था.  उनकी बहुतेरी विशिष्टताओं में से एक है- कम सुने और गाये जाने वाले रागों का चयन. आज सुनिए उनके गाये तीन राग, जिनमें से दो, सुघराई और कुकुभ बिलावल तो दुर्लभ ही हैं.

 राग सुघराई 
 राग कुकुभ बिलावल 
 राग वसंती कान्हड़ा विलंबित तीन ताल 



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