11/18/11

कच्ची उम्र का जादू- मास्टर मदन



मास्टर मदन (28 दिसंबर  1927 - 06 जून 1942)

कच्ची आवाज का जादू सुनना है तो मास्टर मदन को सुनिए. वयस्कता आने के बाद आवाज में आये अजब परिवर्तनों के पहले स्वर यंत्र कच्चे धरोष्ण दूध की तरह सुन्दर होता है. मास्टर मदन ने कुल चौदह साल की उम्र पायी. उनके रिकार्ड कराये गए गानों की कुल तादात आठ है. छ हिन्दी में और दो पंजाबी में. सुनिए हिन्दी में गाये उनके छहो गीत-
1. यूँ न रह रह के हमें तरसाईये 
2. हैरत से तक रहा है
3. गोरी गोरी बैयाँ
4. चेतना है तो
5. मन की रही मन में
6. मोरी बिनती मानो कान्ह रे









 



3 comments:

बाबुषा said...

तबियत बाग़ बाग़ हुयी ! इस बेहतरीन पेशक़श के लिए शुक्रिया मृत्युंजय.

देवेन्द्र पाण्डेय said...

वाकई यह तो चमत्कार है।

"जाटदेवता" संदीप पवाँर said...

ऊपर वाले की माया है