11/2/12

जसम का 13 वां राष्ट्रीय सम्मेलन गोरखपुर में

साम्राज्यवाद और समकालीन सांस्कृतिक संकट है सम्मेलन का विषय 
कवि सम्मेलन और फिल्म प्रदर्शन का आयोजन


नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2012 

जन संस्कृति मंच का 13 वां राष्ट्रीय सम्मेलन 3 और 4 नवम्बर को सिविल लाइन्स स्थित गोकुल अतिथि भवन में होगा। सम्मेलन में ‘साम्राज्यवाद और समकालीन सांस्कृतिक संकट’ पर गहन विचार-विमर्श होगा और अगले दो वर्ष के लिए संगठन की नई कार्यकारिणी व राष्ट्रीय परिषद का गठन होगा। सम्मेलन का उद्घाटन प्रो रविभूषण करेंगे।

सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसका उद्घाटन करने के लिए प्रसिद्ध आलोचक प्रो. मैनेजर पांडेय आज गोरखपुर के लिए रवाना हो रहे हैं। सम्मेलन का उद्घाटन 3 अक्टूबर को अपराह्न 4 बजे होगा। सम्मेलन में एक दर्जन से अधिक राज्यों के 300 प्रतिनिधि भाग लेंगे। दिल्ली से जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय के नौजवान साहित्यकार-संस्कृतिकर्मियों के अतिरिक्त प्रो. राजेंद्र कुमार, प्रो. रविभूषण, कवि मंगलेश डबराल, मदन कश्यप, चित्रकार अशोक भौमिक, कवि रंजीत वर्मा, युवा आलोचक आशुतोष कुमार, गोपाल प्रधान, अवधेश, रंगकर्मी कपिल शर्मा, छायाकार विजय समेत जसम के तमाम राष्ट्रीय पार्षद तथा संगवारी नाट्य गु्रप के सदस्य आज गोरखपुर के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। जसम के इस सम्मेलन में कविता, कहानी, नाटक, चित्रकला और फिल्म आदि विधाओं में सक्रिय समूहों के निर्माण की योजना को भी ठोस आकार मिलेगा। हिंदी-उर्दू के बीच के रिश्ते तथा लोकभाषाओं और लोककलाओं के लेकर भी जन संस्कृति मंच की जो योजनाएं हैं, उन पर भी विचार विमर्श होगा।
  
सम्मेलन में जन संस्कृति मंच के महासचिव प्रणय कृष्ण ‘साम्राज्यवाद और समकालीन सांस्कृतिक संकट’ पर पर्चा प्रस्तुत करेंगे। उद्घाटन सत्र के बाद शाम छह बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारम्भ होंगे जिसमें गोरखपुर की संस्था अलख कला मंच, पटना की हिरावल, बलिया की संकल्प द्वारा जनगीत व भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति की जाएगी। झारखण्ड की जन संस्कृति मंच की इकाई द्वारा झारखण्डी नृत्य व गीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। शाम सात बजे से कवि सम्मेलन होगा जिसमें विभिन्न स्थानों से आए कवियों, कवयित्रियों के अलावा स्थानीय कवि व शायर अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। 

सम्मेलन के दूसरे दिन सुबह दस बजे से चार बजे तक सांगठनिक सत्र चलेगा। इसमें महासचिव द्वारा प्रस्तुत किए गए पर्चे पर विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा जसम के पिछले दो वर्षों के गतिविधियों की रिपोर्ट रखी जाएगी और उस पर चर्चा होगी। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी व राष्ट्रीय परिषद का चुनाव होेगा। शाम पांच बजे से फिल्म शो का आयोजन किया गया है। इसमें गोरखपुर-महराजगंज जिले के जंगलों में रहने वाले वनटांगिया लोगों के संघर्ष पर बनी डाक्यूमेंटरी ‘बिटवीन द ट्रीज’ का प्रदर्शन होगा। इस मौके पर इस डाक्यूमेंटरी के निर्माता आशीष कुमार सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इसके बाद प्रसिद्ध फिल्मकार आनंद पटवर्धन की बहुचर्चित फिल्म ‘जय भीम कामरेड’ दिखाई जाएगी। हिंदी सिनेमा के 100 साल तथा जिन कवियों की जन्मशताब्दी है, उनकी कविताओं पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी भी सम्मेलन का आकर्षण होगी। सम्मेलन स्थल पर पुस्तकों का स्टाल भी होगा।


सुधीर सुमन
राष्ट्रीय कार्यकारिणी, 
जन संस्कृति मंच की ओर से

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